Indian Hindi Romantic Story

मुझे नहीं पता था कि वो मुझे इतना प्यार करता है. मैं तो बस ये सोचती थी की वो एक गवार इंसान है और जिसका काम लडकियों के पीछे भागना और ताड़ना है. लेकिन आज मुझे पता चला कि वो इंसान नहीं एक देवता है, जिसने मेरे पिता की ज़िन्दगी बचाई, मेरी माँ को ब्लैक मेलिंग से बचाया.

बात उस वक़्त की है जब मेरे घर पर अचानक एक अनजान आदमी ने आना शुरू किया, जो मेरी माँ की ही उम्र का था, और वो मेरी माँ से ही बाते करता, मेरी माँ उसे पसंद नहीं करती थी! अब मेरी माँ रोज ही परेशान रहती और मेरे पिताजी और माँ के बीच रोज किसी ना किसी बात को लेकर झगडा होता. मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था, और रोज उनके झगडे बढ़ते ही जा रहे थे!

 आखिर एक दिन पिताजी को दिल का दौरा पड़ा, घर पर मैं और माँ ही थे! मैं गाडी बुलाने बहार गयी, कि उस लड़के ने शायद मेरे चेहरे के भाव पढ़ लिए, और पूछा की सब ठीक तो है? मैंने हाँ कहा तो उसने जोर से पुछा प्लीज बोल दो, शायद मैं इस वक़्त आपके काम आ सकू. मैं उसे कहा की मेरे पिताजी को दिल का दौरा पड़ा है. उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी कार की और ले चला. मेरे घर कार लगाई, और पिताजी को उठाकर कार में बिठाया और हॉस्पिटल ले गया. सही समय पर पिताजी हॉस्पिटल में एडमिट हो गए.

 दिनभर वो हमारे साथ हॉस्पिटल में पिताजी की देखभाल करता रहा. रात हुई, मैंने माँ को कहा को वो घर चली जाये! अब मैं और वो लड़का जिसका नाम निशु था. हॉस्पिटल में वेटिंग रूम में थे. वो मुझे डिनर के लिए ले गया, हमदोनो ने एक साथ हॉस्पिटल में ही डिनर किया! पिताजी अब नार्मल हो गए थे, लेकिन डॉक्टर्स ने उन्हें २ दिन हॉस्पिटल में ही रहने की सलाह दी.

निशु और मैं अब रात को हॉस्पिटल के आँगन में ही घूम रहे थे. रात काफी हो चुकी थी! हम हॉस्पिटल में अंदर जाने लगे, कि निशु ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा की वो मुझे चाहता है. मैं भी शर्मा गयी. आज मुझे निशु को पकड़ने की इच्छा हो रही थी, ना जाने मेरे मन में क्या आया और मैंने उससे कहा की वो एक बात उसकी कार में अकेले में करना चाहती है. अब हमदोनो उसकी कार को और चल दिए.

कार में अंदर बैठते ही मैंने निशु को कसके पकड़ा और उसके होठो पर अपने होठ रख दिए.

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